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आशा के बारे में पद

आशा के बारे में बाइबिल के पद

मसीही आशा कोई अस्पष्ट इच्छा नहीं; यह एक ऐसे परमेश्वर पर दृढ़ भरोसा है जो विश्वासयोग्य है। जब हृदय थक जाए, ये पद उसे फिर से जगाते हैं।

संक्षेप में

बाइबिल एक निश्चित आशा की बात करती है, जो परिस्थितियों में नहीं परन्तु परमेश्वर में टिकी है। यिर्मयाह 29:11, रोमियों 15:13 और विलापगीत 3:22-23 जैसे पद याद दिलाते हैं कि परमेश्वर की करुणा हर सुबह नई होती है और उसकी सच्चाई हर आशा रखने वाले को थामे रखती है।

“क्योंकि यहोवा की यह वाणी है, कि जो कल्पनाएं मैं तुम्हारे विषय करता हूँ उन्हें मैं जानता हूँ, वे हानी की नहीं, वरन कुशल ही की हैं, और अन्त में तुम्हारी आशा पूरी करूंगा।”

यिर्मयाह 29:11 · हिन्दी पवित्र बाइबिल (HHBD, सार्वजनिक डोमेन)

“सो परमेश्वर जो आशा का दाता है तुम्हें विश्वास करने में सब प्रकार के आनन्द और शान्ति से परिपूर्ण करे, कि पवित्र आत्मा की सामर्थ से तुम्हारी आशा बढ़ती जाए॥”

रोमियों 15:13 · हिन्दी पवित्र बाइबिल (HHBD, सार्वजनिक डोमेन)

“हम मिट नहीं गए; यह यहोवा की महाकरुणा का फल है, क्योंकि उसकी दया अमर है। प्रति भोर वह नई होती रहती है; तेरी सच्चाई महान है।”

विलापगीत 3:22-23 · हिन्दी पवित्र बाइबिल (HHBD, सार्वजनिक डोमेन)

“परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएंगे, वे उकाबों की नाईं उड़ेंगे, वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे॥”

यशायाह 40:31 · हिन्दी पवित्र बाइबिल (HHBD, सार्वजनिक डोमेन)

जब आशा रखना कठिन हो

यदि आपकी आशा क्षीण हो गई है, तो आप अकेले नहीं हैं। उस थकान को परमेश्वर के पास वैसे ही ले आएं जैसी वह है। उसकी विश्वासयोग्यता आपकी विश्वासयोग्यता के बल पर निर्भर नहीं करती।

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